IPL में भेदभाव: घरेलू T20 टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले आशुतोष अमन का नाम लिस्ट में नहीं; बोले-कोई तो बताए कि मौका पाने के लिए और क्या करूं

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नई दिल्ली8 घंटे पहलेलेखक: राजकिशोर

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सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी की गिनती देश के सबसे बड़े घरेलू T20 टूर्नामेंट में होती है। इसमें अच्छा खेल दिखाने वाले खिलाड़ियों पर IPL फ्रेंचाइजीज की नजर होती है। हाल ही में समाप्त हुए इस टूर्नामेंट में बिहार के आशुतोष अमन ने सबसे ज्यादा 16 विकेट लिए। इससे उत्साहित होकर आशुतोष ने 18 फरवरी को होने वाली IPL नीलामी के लिए अपना रजिस्ट्रेशन कराया था। लेकिन, बोर्ड ने जिन 292 खिलाड़ियों को शॉर्टलिस्ट किया है उसमें आशुतोष का नाम नहीं है।

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लिस्ट जारी होते ही बोर्ड और IPL गवर्निंग काउंसिल पर भेदभाव के आरोप लगने लगे हैं। आरोप है कि बोर्ड घरेलू क्रिकेट में परफॉरमेंस और मेरिट को नजरअंदाज कर रहा है। खुद आशुतोष भी काफी निराश हैं। भास्कर ने इस मुद्दे पर आशुतोष से बातचीत की। पेश है इंटरव्यू के मुख्य अंश…

पिछली बार रणजी परफॉर्मेंस को नजर अंदाज किया गया

अमन ने कहा, ‘मैं मुश्ताक अली ट्रॉफी में 16 विकेट लेकर टॉप विकेट टेकर हूं। उसके बाद भी मेरा नाम लिस्ट में नहीं है। मुझे कोई यह बताए कि लिस्ट में शामिल होने के लिए मुझे कैसा प्रदर्शन करना होगा। 2018-19 में मैने रणजी में एक सीजन में 64 विकेट लिए, तब भी मेरा नाम ऑक्शन लिस्ट में शामिल नहीं था, तब मुझे लगा कि IPLकी नीलामी में शामिल होने के लिए T-20 में बेहतर प्रदर्शन करना होगा। हालांकि तब भी मेरा T-20 में बेहतर प्रदर्शन था। मैंने इस साल अपना फोकस T-20 पर किया। लेकिन ऑक्शन लिस्ट में नाम नहीं शामिल होने से मैं निराश हूं।’

फिट हूं और बेहतर प्रदर्शन कर रहा हूं तो उम्र मायने नहीं रखती

आशुतोष ने कहा, ‘मैं 34 साल का हूं, लेकिन फिट हूं। घरेलू टूर्नामेंट में बेहतर प्रदर्शन कर रहा हूं। टीम इंडिया में भी कई ऐसे खिलाड़ी हैं, जो 30 साल से ऊपर हैं और बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं। ऑक्शन की लिस्ट में भी कई खिलाड़ी 35 साल से ऊपर के हैं। मेरा मानना है कि खिलाड़ी किसी भी उम्र का हो अगर वह फिट है और बेहतर प्रदर्शन कर रहा है तो उसे मौका दिया जाना चाहिए। हालांकि मैं यह नहीं बता सकता कि किन वजहों से ऑक्शन लिस्ट में मेरा नाम शामिल नहीं किया गया है।’

बिहार क्रिकेट एसोसिएशन के सस्पेंड रहने से कई क्रिकेटरों का करियर खत्म

उन्होंने कहा, ‘बिहार क्रिकेट एसोसिएशन के सस्पेंड होने से कई टैलंटेड खिलाड़ियों को आगे बढ़ने का मौका नहीं मिल सका। अगर बिहार को पहले मान्यता मिल जाती तो कई क्रिकेटरों का करियर बच सकता था। बिहार में टैलंट की कमी नहीं है। हालांकि वहां पर बुनियादी सुविधाएं नहीं हैं। अगर वहां के खिलाड़ियों को भी बेहतर सुविधाएं मिलेंगी, तो बिहार के खिलाड़ी भी इंडिया टीम में शामिल हो सकते हैं। बिहार के कई खिलाड़ी बिहार से बाहर जाकर अभ्यास कर रहे हैं और अन्य राज्यों की टीम से खेल रहे हैं।’

टीवी पर मैच देखकर स्पिन की गेंदबाजी के गुर सीखे

अमन ने बताया कि वे गया के रहने वाले हैं। 10वीं के बाद एयरफोर्स ज्वॉइन कर लिया था। 10वीं तक वे क्लब स्तर पर टूर्नामेंट खेलने लगे थे, लेकिन उन्हें प्रफेशनल क्रिकेट के बारे में पता नहीं था। आशुतोष पहले फास्ट बॉलिंग करते थे। लेकिन बाद में टीवी पर मैच देखकर स्पिन गेंदबाजी करने लगे और क्लब स्तर के मैच में प्रयोग करने लगे।

श्रीलंका के हेराथ और इंग्लैंड के मोंटी पनेसर से प्रभावित

आशुतोष अमन बताते हैं कि वे श्रीलंका के लेफ्ट आर्म स्पिनर रंगना हेराथ और मोंटी पनसेर से काफी प्रभावित हैं। हेराथ को देखकर ही उन्होंने लेफ्ट आर्म स्पिन गेंदबाजी करने का फैसला किया था। एयरफोर्स के डिपार्टमेंटल टूर्नामेंट में बेहतर प्रदर्शन करने के बाद उन्हें दिल्ली स्थित हेड ऑफिस में ट्रांसफर कर दिया गया। वहां उन्होंने एयरफोर्स के कोच राजू सिंह के मार्गदर्शन में अपना हुनर निखारा। बाद में बिहार से रणजी खेलने के दौरान कोच सुब्रतो बनर्जी और प्रज्ञान ओझा ने उन्हें टिप्स दिए।

2018-19 में 44 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ा था

आशुतोष अमन ने 2018-19 में रणजी में सीजन में सबसे ज्यादा विकेट लेने का बिशन सिंह बेदी का 44 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ा था। तब उन्होंने 68 विकेट लिए। जबकि बेदी ने 1974/75 के सत्र में 64 विकेट लिए थे।



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