2020 में देश के टॉप 10 अचीवमेंट: वैक्सीन बनाने में नंबर 1 और पीपीई किट बनाने में नंबर 2 बने, ज्यादा प्रोटीन वाले गेहूं से कुपोषण करेंगे खत्म

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एक महीने पहलेलेखक: अंकित गुप्ता

  • गर्व कीजिए, क्योंकि स्वदेशी वैक्सीन के नतीजे असरदार, जनवरी तक मिल सकती है वैक्सीन
  • खुश हो जाइए, क्योंकि हॉकी टीम की कप्तान रानी रामपाल ने देश का नाम रोशन कर दिया
  • राहत महसूस कीजिए, क्योंकि 30 साल में बाल मृत्यु दर 1.25 करोड़ से घटकर 52 लाख हो गई

2020 में सिर्फ कोरोना ने देश में रिकॉर्ड नहीं बनाया, पीएम नरेंद्र मोदी, वैक्सीन और पीपीई किट ने भी इतिहास रचा। महामारी के शुरुआती महीनों में चीन के बाद सबसे ज्यादा पीपीई किट बनाकर भारत ने दुनिया को चौंका दिया। साथ ही स्वाइन फ्लू, निमोनिया और कोरोना की स्वदेशी वैक्सीन बनाकर दुनिया को बता दिया कि भारत महामारी के बीच भी इतिहास लिखने को तैयार है। इसी के साथ पीएम मोदी देश में सबसे लम्बे समय तक पीएम रहने वाले पहले गैर-कांग्रेसी प्रधानमंत्री भी बन गए।

इतना ही नहीं, हॉकी टीम की कप्तान रानी रामपाल पहली ऐसी भारतीय बनीं, जिन्हें वर्ल्ड गेम्स एथलीट ऑफ द ईयर का अवॉर्ड दिया गया। उधर देश में बच्चों की मौत का बोझ भी घटा और सीनियर एडवोकेट हरीश साल्वे ब्रिटेन की महारानी के सलाहकार नियुक्त कर दिए गए।

जानिए, 2020 की वो उपलब्धियां जो भारत के नाम रहीं और दुनियाभर में जिनकी चर्चा भी हुई…

1. ब्रिटेन और फ्रांस को पीछे छोड़ भारत दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था

  • फरवरी 2020 में आई ‘वर्ल्ड पॉपुलेशन रिव्यू’ की रिपोर्ट के मुताबिक, ब्रिटेन और फ्रांस को पीछे छोड़ते हुए भारत दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया। भारत की जीडीपी 2.94 ट्रिलियन डॉलर रही। ब्रिटेन में यह आंकड़ा 2.83 ट्रिलियन डॉलर और फ्रांस में 2.71 ट्रिलियन डॉलर था। भारत की अर्थव्यवस्था में सर्विस सेक्टर सबसे बड़ा है। इसकी हिस्सेदारी 60% है।
  • 149 सालों से अमेरिका दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था: अमेरिका 149 वर्षों से दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बना हुआ है। दूसरे पायदान पर चीन और तीसरे पर जापान और चौथे पर जर्मनी है।

2. वैक्सीन के नाम 3 रिकॉर्ड: क्लासिकल स्वाइन फीवर, निमोनिया और कोरोना का स्वदेशी टीका बनाया

  • इंडियन काउंसिल ऑफ एग्रीकल्चरल रिसर्च ने फरवरी में क्लासिकल स्वाइन फीवर का नया टीका विकसित किया। यह सस्ता और असरदार साबित होगा। यह सुअरों में होने वाली बीमारी है। जुलाई में भारतीय वैज्ञानिकों ने निमोनिया की वैक्सीन तैयार की और ड्रग कंट्रोलर से मंजूरी भी मिली। तीसरी सबसे जरूरी, कोरोना की वैक्सीन (कोवैक्सिन) भारत बायोटेक ने तैयार की।
  • ये टीके इसलिए हैं जरूरी: क्लासिकल स्वाइन फीवर के कारण हर साल देश को 400 करोड़ रुपए का नुकसान होता है। 2019 से सुअरों की आबादी घटी है। दुनियाभर में निमोनिया के जितने मामले सामने आते हैं, उनमें से 23% भारत में होते हैं। इनमें से 14% से 30% मामलों में मौत हो जाती है। देश में कोरोना के रोज हजारों केस अभी भी सामने आ रहे हैं।

3. कुपोषण का कलंक मिटाने भारतीय वैज्ञानिकों ने सर्वाधिक प्रोटीन वाली गेहूं की किस्म तैयार की

  • भारत सरकार के अगरकर रिसर्च इंस्टिट्यूट (एआरआई), पुणे के वैज्ञानिकों ने मार्च में गेहूं की खास किस्म विकसित की। इसमें 14.7% तक ज्यादा प्रोटीन है। इस किस्म का नाम एमएसीएस 4028 है। यह सेमी ड्वार्फ किस्म है। इसकी फसल 102 दिनों में तैयार हो जाती है। कुपोषण मिटाने के लिए गेहूं की इस किस्म को यूनिसेफ के ‘विजन 2022’ कार्यक्रम के तहत डेवलप किया गया है।
  • देश की 14% आबादी को पूरा पोषण नहीं: ‘विजन 2022’ प्रोग्राम के जरिए ग्रामीण क्षेत्रों में कुपोषण खत्म करने का लक्ष्य रखा गया है। ग्लोबल हंगर इंडेक्स 2020 के मुताबिक, भारत की 14% आबादी अल्प-पोषित है। इस वजह से बच्चों में बौनेपन की दर 37.4% है।

4. भारत के 3 रिकॉर्ड: चीन के बाद सबसे ज्यादा पीपीई किट बनीं, वैक्सीन के डोज भी बनेंगे

  • भारत चीन के बाद सबसे ज्यादा पीपीई किट बनाने वाला देश बन गया। महामारी के शुरुआती 2 महीनों में यह रिकॉर्ड बना। मार्च से दिसंबर तक देश में 6 करोड़ पीपीई किट और 15 करोड़ एन-95 मास्क बन चुके हैं। भारत अब तक 2 करोड़ पीपीई किट और 4 करोड़ मास्क एक्सपोर्ट भी कर चुका है। देश में कोरोना का जीनोम सबसे पहले गुजरात बायोटेक्नोलॉजी रिसर्च सेंटर के वैज्ञानिकों ने खोजा।
  • हैदराबाद के सीरम इंस्टीट्यूट के पास दुनिया में सबसे ज्यादा वैक्सीन तैयार करने की क्षमता है। देश में स्वदेशी वैक्सीन ‘कोवैक्सिन’ के अलावा ऑक्सफोर्ड-एस्ट्राजेनेका की ‘कोविशील्ड’, नोवावैक्स की NVX-CoV2373 और रूस के गामालेया रिसर्च इंस्टीट्यूट की स्पुतनिक-V वैक्सीन भी भारत में तैयार होगी।
  • जनवरी से होगा वैक्सीनेशन: भारत में कोरोना की तीन वैक्सीन के लिए इमरजेंसी अप्रूवल मांगा गया है। इसमें कोविशील्ड, कोवैक्सिन और अमेरिकी कम्पनी फाइजर की BNT162b2 वैक्सीन शामिल है। इस पर सब्जेक्ट एक्सपर्ट कमेटी की एक बैठक भी हो चुकी है। कंपनियों से कुछ डेटा और मांगा गया है। भारत सरकार का दावा है कि जनवरी में वैक्सीनेशन शुरू हो जाएगा।

5. मौत का बोझ घटा, 30 साल में बाल मृत्यु दर 1.25 करोड़ से घटकर 52 लाख हुई

  • सितंबर में जारी संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट के मुताबिक, 1990 से लेकर 2019 के बीच भारत में बाल मृत्युदर घटी है। 1990 में मौत का आंकड़ा 1.25 करोड़ था, जो 2019 में घटकर 52 लाख रह गया। दुनिया में जिन बच्चों की मौत हुई उनमें से एक तिहाई भारत और नाइजीरिया के थे। 30 सालों में बच्चों की मौत के आंकड़े में हर साल 4.5% की कमी आई।
  • समय से पहले डिलीवरी और कुपोषण मौत की वजह: ‘इंडिया स्टेट लेवल डिसीज बर्डन इनिशिएटिव’ की रिपोर्ट के मुताबिक, देश में पांच साल से कम उम्र के 68% बच्चों की मौत की वजह मां और नवजात का कुपोषित होना है। 83% शिशुओं के मौत की वजह जन्म के समय कम वजन और समय से पहले डिलीवरी होना भी है।

6. पीएम मोदी सबसे लंबे समय तक शासन करने वाले पहले गैर कांग्रेसी पीएम बने, अटलजी का रिकॉर्ड तोड़ा

  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 13 अगस्त को दो रिकॉर्ड बनाए। पहला, देश में सबसे लम्बे समय तक शासन करने वाले पहले गैर-कांग्रेस प्रधानमंत्री बने। दूसरा, अटलजी अपने तीनों कार्यकाल में कुल 2,272 दिन प्रधानमंत्री रहे, पीएम मोदी ने इनका रिकॉर्ड भी तोड़ा।
  • मोदी से आगे मनमोहन, इंदिरा और नेहरू: सबसे लंबे समय तक पीएम रहने के मामले में नेहरू (16 साल 9 महीने और 12 दिन) के बाद दूसरे नंबर पर इंदिरा गांधी हैं। इंदिरा दो बार में कुल 15 साल 11 महीने 17 दिन प्रधानमंत्री रहीं। तीसरे नंबर पर मनमोहन सिंह हैं। मनमोहन लगातार 10 साल चार दिन तक प्रधानमंत्री रहे। पीएम मोदी अपना कार्यकाल पूरा करने पर मनमोहन सिंह का रिकॉर्ड तोड़ देंगे।

7. चंद्रयान-2 ने चंद्रमा के गड्ढे की तस्वीर ली, इसे इसरो ने विक्रम साराभाई का नाम दिया

  • चंद्रयान-2 ने अगस्त में चंद्रमा के गड्ढे की तस्वीर खींची। इसका नाम भारतीय स्पेस प्रोग्राम के जनक विक्रम साराभाई के नाम पर रखा। इसी साल उनका जन्म शताब्दी वर्ष मनाया गया। चंद्रयान-2 ने चांद की कक्षा में एक साल पूरे कर लिए। यान चांद के 4400 से अधिक चक्कर लगा चुका है। इसे 22 जुलाई 2019 को छोड़ा गया था और 20 अगस्त को चंद्रमा की कक्षा में पहुंचा था।
  • 7 साल तक चांद का चक्कर काटने लायक ईंधन: इसरो के मुताबिक, चंद्रयान-2 में इतना ईंधन है कि यह 7 साल तक चंद्रमा के चक्कर काट सकता है। इसके ऑर्बिटर में हाईटेक कैमरे लगे होने के कारण यह चांद से जानकारी जुटाकर भेज सकता है। मिशन का लक्ष्य चांद की निचली सतह पर पानी की मौजूदगी का पता लगाना भी है।

8. जनरल बिपिन रावत बने देश के पहले चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ

  • जनरल बिपिन रावत ने 1 जनवरी को देश के पहले चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) का पद संभाला। इससे पहले वे थलसेना के प्रमुख थे। इनका ओहदा 4 स्टार जनरल का है। जनरल बिपिन रावत का जन्म 16 मार्च 1958 को हुआ था, अभी वे 61 साल के हैं। 2023 में 65 साल के होंगे। इस लिहाज से उनके पास सीडीएस पद पर रहने के लिए कम से कम 3 साल का समय है।
  • सैम मानेकशॉ को सीडीएस बनाना चाहती थीं इंदिरा: थलसेना में केएम करियप्पा और सैम मानेकशॉ को फील्ड मार्शल की रैंक दी गई थी। 1971 के युद्ध के बाद तत्कालीन पीएम इंदिरा गांधी मानेकशॉ को सीडीएस बनाना चाहती थीं। तब वायुसेना-नौसेना प्रमुखों ने आपत्ति जताई थी। उनका तर्क था कि इससे वायुसेना और नौसेना का कद घट जाएगा।

9. हॉकी टीम की कप्तान रानी रामपाल बनीं वर्ल्ड गेम्स एथलीट ऑफ द ईयर, ये पुरस्कार पाने वाली पहली भारतीय

  • भारतीय महिला हॉकी टीम की कप्तान रानी रामपाल को जनवरी में वर्ल्ड गेम्स एथलीट ऑफ द ईयर अवॉर्ड मिला। हरियाणा की रानी यह पुरस्कार पाने वाली पहली भारतीय हैं। इस अवॉर्ड के लिए जनता वोट करती है। कुल 7,05,610 वोटों में से उन्हें 1,99,477 वोट मिले। यूक्रेन की कराटे खिलाड़ी स्टेनिसलाव होरुना दूसरे और कनाडा की पावरलिफ्टर रिया स्टिन तीसरे स्थान पर रहीं।
  • खेल रत्न और पद्मश्री अवॉर्डी रानी 240 से ज्यादा मैच खेल चुकीं: 1980 समर ओलिंपिक्स के 36 साल बाद 2016 में ओलिंपिक्स के लिए भारत ने क्वालीफाई किया। इस चयन का पूरा श्रेय उस गोल को जाता है, जो रानी ने किया था। उनकी कप्तानी में ही भारत ने तीसरी बार ओलिंपिक्स के लिए क्वालीफाई किया।

10. भारतीय वकील हरीश साल्वे ब्रिटेन की महारानी के सलाहकार बने

  • इंग्लैंड की महारानी एलिजाबेथ द्वितीय ने पूर्व सॉलिसिटर जनरल हरीश साल्वे को जनवरी में अपना सलाहकार नियुक्त किया। ब्रिटेन के न्याय मंत्रालय ने 13 जनवरी 2020 को विशेष सलाहकारों की लिस्ट में इनका नाम शामिल किया। महारानी एलिजाबेथ हर साल कॉमनवेल्थ देशों से कुछ सीनियर एडवोकेट्स को चुनती हैं। हरीश साल्वे भी इसी का हिस्सा हैं।
  • दुनिया के सबसे महंगे वकील को पियानो बजाने का शौक: हरीश साल्वे का जन्म महाराष्ट्र के नागपुर में 1956 में हुआ। पिता नरेंद्र साल्वे कांग्रेस नेता थे। हरीश दुनिया के सबसे महंगे वकीलों में से एक हैं और इन्हें पियानो बजाने का शौक है। पिछले साल कुलभूषण जाधव का केस संभाला था। इसके अलावा मुकेश अंबानी, सलमान खान, वोडाफोन और इटली सरकार इनके क्लाइंट रह चुके हैं।



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