मौनी अमावस्या: संगम के तट पर उमड़ा आस्था का सैलाब; रात 12 बजते ही गंगा में शुरू हुआ स्नान, ड्रोन से हो रही निगरानी

44


  • Hindi News
  • Local
  • Uttar pradesh
  • Allahabad
  • Magh Mela 2021 Prayagraj Latest News Updates । Devotees TO Take A Holy Dip In Ganga River On The Occasion Of Mauni Amavasya In Prayagraj Uttar Pradesh

Ads से है परेशान? बिना Ads खबरों के लिए इनस्टॉल करें दैनिक भास्कर ऐप

प्रयागराज34 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

संगम तट पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ है। लोग हर हर महादेव व हर हर गंगे के जयकारों के साथ स्नान कर रहे हैं।

  • माघ मेले का आज तीसरा सबसे बड़ा स्नान पर्व
  • 8 घाटों पर श्रद्धालु कर रहे स्नान, 40 लाख श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना

माघ मेले का आज तीसरा प्रमुख स्नान पर्व मौनी अमावस्या है। इस मौके पर तीर्थों के तीर्थराज कहे जाने वाले संगम नगरी प्रयागराज में लोग घाटों पर मोक्ष की डुबकी लगा रहे हैं। बुधवार रात 12 बजते ही संगम की रेती पर आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। हर-हर गंगे व हर-हर महादेव के जयकारों के साथ श्रद्धालुओं की स्नान-दान किया।

भीड़ को देखते हुए मेला प्रशासन ने 08 घाटों पर स्नान की व्यवस्था की है। मेले में सुरक्षा की चाक चौबंद व्यवस्था की गई है। ATS, NDRF, SDRF व जल पुलिस के अलावा सिविल पुलिस के जवान तैनात हैं। ड्रोन कैमरे से मेला परिक्षेत्र की निगरानी हो रही है।

क्या है संगम व मौनी अमावस्या की मान्यता?
मान्यता है कि संगम तट पर और गंगा पवित्र नदी में देवताओं का वास रहता है। इससे गंगा स्नान करना ज्यादा फलदायी होता है। इस साल मकर राशि में छह ग्रहों का दुर्लभ संयोग बनने के कारण इसका महत्व को कई गुणा बढ़ गया है। शास्त्रों में मौनी अमावस्या के दिन सुबह से मौन व्रत रखते हुए ध्यान चिंतन आदि करना ज्यादा श्रेयस्कर माना गया है। पूरे साल में 12 अमावस्या होती हैं। इसमें से मौनी अमावस्या का अपना खास महत्व है। इस दिन तेल, तिल, सूखी लकड़ी, कपड़े, गर्म वस्त्र, कंबल और जूते दान करने का विशेष महत्व है।

संगम तट पर स्नान करते श्रद्धालु।

संगम तट पर स्नान करते श्रद्धालु।

40 लाख श्रद्धालुओं के आने की संभावना

मौनी अमावस्या पर संगम में 40 लाख श्रद्धालुओं के डुबकी लगाने की संभावना है। ऐसे में भीड़ को देखते हुए अक्षयवट के दर्शन पर रोक लगा दी गई है। मेला परिक्षेत्र में झूले व अन्य मनोरंजन के साधनों को बंद करा दिया गया है। मेला प्रबंधक विवेक शुक्ला का कहना है कि एक जगह बहुत भीड़ जुटने न पाए, इसलिए यह निर्णय लिया गया है।

24 घंटे खुले रहेंगे अस्पताल

मौनी अमावस्या पर श्रद्धालुओं और स्नानार्थियों के इलाज के लिए 24 घंटे मेडिकल टीम मौजूद है। घाटों पर एंबुलेंस तैनात की गई है। सीएमओ डॉक्टर प्रभाकर राय ने बताया कि मरीजों के इलाज के अलावा कोविड-19 की जांच की व्यवस्था है। 20 एंबुलेंस की व्यवस्था की गई है। शहर के बेली व एसआरएन अस्पताल में 20-20 बेड रिजर्व किए गए हैं। मेला क्षेत्र के सभी 16 प्रवेश द्वारों पर थर्मल स्क्रीनिंग की जा रही है।

संगम तट पर दीपदान व पूजा पाठ करतीं महिलाएं।

संगम तट पर दीपदान व पूजा पाठ करतीं महिलाएं।



Source link

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here