प्रतिभाओं का सम्मान: राष्ट्रीय बाल पुरस्कार पाने वाले पांच होनहारों से CM योगी ने की बात, कहा- चयन की प्रक्रिया में पूरी पारदर्शिता बरती गई

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लखनऊ7 मिनट पहले

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यूपी के सीएम योगी ने शनिवार को राष्ट्रीय बाल पुरस्कार विजेता बच्चों के साथ संवाद किया।

  • परिणाम स्वरूप भारत सरकार के पुरस्कार समाज में विशेष योगदान देने वालों को मिल रहे हैं

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को 5 राष्ट्रीय बाल पुरस्कार विजेताओं से संवाद किया। उन्होंने पांचों प्रतिभावान युवाओं को पुरस्कार देते हुए कहा कि हम सभी प्रधानमंत्री मोदी और केंद्र सरकार के आभारी हैं, जिन्होंने प्रतिष्ठित पुरस्कारों में पारदर्शी तरीके से चयन की प्रक्रिया को अपनाया है। इसके परिणाम स्वरूप भारत सरकार के पुरस्कार समाज में विशेष योगदान देने वालों को मिल रहे हैं। पांच अलग-अलग श्रेणियों में पुरस्कार पाना उत्तर प्रदेश के लिए भी सम्मान पाना हुआ।

लखनऊ इंदिरा नगर के रहें वाले 11 साल के व्‍योम आहूजा इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में 28 बार नाम दर्ज करवा चुके हैं। कम उम्र में व्योम ने संगीत के साथ ज्ञान, विज्ञान और खेल में कई उपलब्धियां हासिल कर प्रदेश का नाम रोशन किया है। व्योम कहते हैं कि अब तक मिले हर पुरस्कार ने हौसला बढ़ाया है, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तरफ से मिला सम्मान बेहद खास है।

व्योम ने दो साल चार माह की उम्र में बांसुरी वादन शुरू कर दिया था, जबकि नौ साल की उम्र में पंजी जंपिंग कर एशिया के सबसे कम उम्र के खिलाड़ी बनने का गौरव हासिल किया। पढ़ाई के क्षेत्र में दो बार फ्यूचर कलाम अवार्ड भी पा चुके हैं।

शैक्षिक श्रेणी में हासिल किया राष्‍ट्रीय बाल पुरस्‍कार
अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के पूर्व छात्र मोहम्मद शादाब ने शैक्षिक श्रेणी में राष्‍ट्रीय बाल पुरस्‍कार हासिल किया है। शादाब के माता पिता पढ़े लिखे नहीं है, लेकिन उन्‍होंने अपनी लगन व मेहनत के जरिए केनेडी-लूगर यूथ एक्सचेंज एंड स्टडी स्कॉलरशिप के जरिए अमेरिका के बेलफास्ट एरिया हाईस्कूल में पढ़ाई की है।

शादाब ने 97.6 फीसद नंबर हासिल कर स्कूल टॉप किया था। उसे स्कॉलरशिप में 28 हजार अमेरिकी डॉलर मिले थे। शादाब के पिता अरशद नूर मोटर मैकेनिक हैं। मां जरीना बेगम गृहिणी हैं। लेकिन उन्होंने बेटे को पढ़ाने के लिए हाड़ तोड़ मेहनत की, जिसका फल आज उन्हें मिल रहा है। शादाब का कहना है कि वह संयुक्त राष्ट्र में ह्यूमन राइट अफसर के रूप में भारत का प्रतिनिधित्व करना चाहता है।

स्वदेशी टेक नाम की बनाई वेबसाइट
गौतमबुद्धनगर जिले के कक्षा 11 के छात्र चिराग भंसाली को इनोवेशन में प्रधानमंत्री राष्‍ट्रीय बाल पुरस्‍कार मिला है। चिराग ने चीनी ऐप पर सरकार द्वारा प्रतिबंध लगाए जाने के बाद स्वदेशी टेक नाम की वेबसाइट बनाई है। इस प्लेटफार्म पर भारतीय यूजर्स के लिए चीन के हर प्रतिबंध ऐप का विकल्प मौजूद है।

एक सप्ताह में बनी वेबसाइट का 12 जून 2020 को लांचिंग हुई थी। चिराग ने महज 12 साल की उम्र में यूट्यूब के जरिए कोडिंग करना सीख लिया था। चिराग भंसाली ने कई राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में पहला स्थान हासिल किया है।

24 पुरस्कारों से सम्मानित हो चुके दिव्यांश

बाराबंकी नवाबगंज तहसील के मखदूमपुर गांव निवासी कुंवर दिव्यांश सिंह ने वीरता में राष्‍ट्रीय बाल पुरस्‍कार हासिल किया है। वर्ष 2018 में स्‍कूल से लौटते समय एक सांड ने उनकी पांच साल की बहन पर हमला कर दिया था। बहन की जान का खतरा देख दिव्यांश ने बहादुरी दिखाते हुए अपने स्कूली बैग से ही हमलावर सांड से भिड़ गए थे।

दिव्यांग के दाहिने हाथ में फ्रैक्चर हो गया था, लेकिन उसने हार नहीं मानी। आखिरकार में सांड को भगाकर बहन की जान बचा ली। तब उसकी उम्र महज 13 साल की थी। दिव्‍यांशु को राष्ट्रीय और राज्य स्तर सहित करीब 24 पुरस्कारों से सम्मानित किया जा चुका है।

इस क्षण को कभी भुला नहीं सकते

खेल श्रेणी में प्रयागराज के रहने वाले 17 साल के मोहम्मद राफे ने राष्‍ट्रीय बाल पुरस्‍कार हासिल कर यूपी का नाम रोशन किया। मोहम्मद राफे कहते हैं कि उनके लिए यह गौरव का क्षण है। इसे वह कभी भुला नहीं सकते हैं। साल 2019 में मोहम्मद राफे ने मंगोलिया की राजधानी उलान बाटर हवे में हुई जूनियर एशियन गेम्स में भारत को जिम्नास्टिक में कांस्य पदक दिलाकर प्रदेश का नाम रोशन किया था।

जूनियर एशियन गेम्स में बीते 10 सालों में भारत को जिम्नास्टिक में कोई मेडल नहीं मिला था। खेल गांव पब्लिक स्कूल में 12वीं के छात्र मोहम्मद का चयन सेना के लिए हो चुका है। अब वे सेना की तरफ से खेलेंगे। मोहम्मद राफे राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पांच बार नेशनल चैंपियन रहे हैं।



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