पहली बार 30 दिन तक बाड़े में रहेगी कैपिटल: संसद में दंगा करने वालों की हो रही पहचान, नौकरी से बाहर निकाले जा रहे

34


Ads से है परेशान? बिना Ads खबरों के लिए इनस्टॉल करें दैनिक भास्कर ऐप

वॉशिंगटन6 दिन पहले

  • कॉपी लिंक

कैपिटल हिल में हिंसा करने वाले 64 लोगों की अब तक पहचान हो चुकी है। इन्हें नौकरी से भी निकाला जा रहा है।

अमेरिकी संसद परिसर कैपिटल हिल में बुधवार को दंगा करने वाले ट्रम्प समर्थकों की पहचान की जा रही है। इसके लिए तस्वीरों, सोशल मीडिया पोस्ट और एआई की मदद ली जा रही है। अब तक 64 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। वहीं, पहचाने गए लोगों को नौकरी से भी निकाला जा रहा है।

मेरीलैंड की डायरेक्ट मार्केटिंग कंपनी नेविस्टार ने दंगे में शामिल अपने एक कर्मचारी की पहचान होने के बाद उसे नौकरी से निकाल दिया। कैपिटल बिल्डिंग के अंदर उसने कंपनी की आईडी कार्ड के साथ तस्वीर खिंचवाई थी। कंपनी ने कहा कि, हम कर्मचारियों के अधिकार का पूरा समर्थन करते हैं।

लेकिन ऐसे काम में शामिल लोगों के लिए कोेई जगह नहीं है। टेक्सास के पॉल डेविस को भी गूसहेड इंश्योरेंस कंपनी ने नौकरी से निकाल दिया है। इस बीच एफबीआई ने पाइप बम रखने वाले पर 36 लाख रु का इनाम घोषित किया है।

6200 नेशनल गार्ड्स राजधानी में तैनात होंगे; 6 राज्यों से पुलिस भी बुलाई
कैपिटल हिल परिसर और अमेरिका की राजधानी वॉशिंगटन डीसी इतिहास में पहली बार 30 दिन तक बाड़े से घिरी रहेगी। संसद को चारों ओर से 7 फीट ऊंची जाली से घेर दिया गया है। शहर की सभी सीमाओं को सील किया जा रहा है। इन जालियों पर कोई भी नहीं चढ़ सकेगा। दूसरी ओर संसद और राजधानी 6200 नेशनल गार्ड्स की निगरानी में रहेगी। छह राज्यों से अतिरिक्त पुलिस बुलाई गई है। वहीं, दंगे मंे एक पुलिसकर्मी की मौत के कारण शुक्रवार को झंडा आधा झुकाया गया।

24 घंटे बाद बोले डोनाल्ड ट्रम्प-घटना से मैं बहुत गुस्से में हूं
अमेरिकी राट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कैपिटल हिल में हिंसा के 24 घंटे के बाद एक वीडियो जारी कर अपने समर्थकों द्वारा की गई हिंसा की निंदा की। साथ ही ट्रम्प ने कहा कि, मैं व्यवस्थित सत्ता हस्तांतरण चाहता हूं। बाकी अमेरीकियों की तरह मैं भी कैपिटल हिल में हिंसा और अराजकता से गुस्से में हूं। मैंने तुरंत इमारत की सुरक्षा और घुसपैठियों को निकालने के लिए नेशनल गार्ड की तैनाती कर दी थी। हालांकि, कई न्यूज एजेंसियों का मानना है कि सुरक्षाबलों की तैनाती माइक पेंस ने करवाई जबकि ट्रम्प इसके विरोध में थे।

बंदूक बनाने वाली कंपनियों के शेयर 18% तक चढ़े
अमेरिका के स्टॉक मार्केट में बुधवार को एक खास घटना दिखी। बंदूक बनाने वाली कंपनियों के शेयर के दाम 18% तक बढ़ गए। इसी दिन ​राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के समर्थकों ने अमेरिकी संसद परिसर पर धावा बोला था। स्मिथ एंड वेसन ब्रांड्स और स्ट्रम रगर अमेरिका में बंदूक बनाने वाली प्रमुख कंपनियां हैं। विस्टा आउटडोर बंदूक की गोलियां बनाती है। तीनों कंपनियां अमेरिकी शेयर बाजार में लिस्टेड हैं।

दो मंत्रियों समेत 11 सहयोगियों ने दिया इस्तीफा
हमले के विरोध में अब तक दो मंत्रियों समेत 11 इस्तीफे हो चुके हैं। चीफ ऑफ कैपिटल पुलिस ने भी इस्तीफा देने की तरफ इशारा किया है। व्हाइट हाउस के डिप्टी नेशनल सिक्योरिटी ऑफिसर, एजुकेशन मिनिस्टर और तमाम मेंबर्स ऐसे हैं जिन्होंने इस्तीफे दे दिए हैं। एनएसए रॉबर्ट ब्राउन और चीफ ऑफ स्टाफ भी अपना पद छोड़ सकते हैं।

लगभग आधे ट्रम्प समर्थकों ने कैपिटल हिल हमले का समर्थन किया
कैपिटल हिल पर हमले का चौतरफा विरोध हो रहा है। वहीं, दूसरी तरफ मार्केट रिसर्च फर्म यूगॉव ने इन हमले को लेकर अमेरिकी वोटर्स के बीच एक सर्वेे किया। सर्वे में लगभग आधे रिपब्लिकन समर्थक (43% से 45%) ने अतिवादियों द्वारा की गई हिंसा और उपद्रव का समर्थन किया है। सभी डेमोक्रेट समर्थकों ने हमले का विरोध किया। 58% रिपब्लिकन समर्थकों ने कहा कि प्रदर्शन शांतिपूर्ण था। हालांकि, वीडियों में दिख रहा है कि उपद्रवी पुलिस पर हमला कर रहे थे।

अमेरिका में संसद पर हमले को वर्ल्ड मीडिया ने ऐसे देखा
अमेरिका में कैपिटल हिल पर हुए हमले को ज्यादातर मीडिया संस्थानों ने शर्मसार करने वाली घटना बताया है। इस दंगे को लोकतंत्र पर दाग बताया है। वाशिंगटन पोस्ट ने इस हमले को ट्रम्प द्वारा उकसाई भीड़ ने किया हमला लिखा है।

न्यूयॉर्क टाइम्स: राष्ट्रपति ट्रम्प ने भीड़ को हिंसा के लिए भड़काया
‘शीर्ष अधिकारियों के इस्तीफे के बाद ट्रम्प को हटाने की मांग तेज हो गई है। अखबार ने हिंसा के लिए राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प को जिम्मेदार ठहराया है। लिखा कि, भीड़ को विद्रोह और हिंसा के लिए भड़काया गया।’

ब्रिटेन का टेलीग्राफ: डेमोक्रेसी अंडर सीज यानी लोकतंत्र पर कब्जा
ब्रिटिश अखबार द टेलीग्राफ ने इस घटना को डेमोक्रेसी अंडर सीज यानी लोकतंत्र पर कब्जा करार दिया। टेलीग्राफ ने लिखा- ये तो बस शुरुआत है। अभी अमेरिकी लोकतंत्र की परतें और उधड़ेंगी।

चीन का ग्लोबल टाइम्स
लोकतंत्र का बुलबुला फूटा ‘अमेरिका में जो हुआ वह उसके कर्मों का फल है। लोकतंत्र का बुलबुला फूट गया। जब हॉन्गकॉन्ग में प्रदर्शन हुए थे, तब अमेरिका ने प्रदर्शनकारियों की प्रशंसा की थी।’

द टाइम्स ऑफ इजरायल: लोकतंत्र और कानून पर हमला
पत्रकार डेविड होर्वोविट्ज ने अपने कॉलम में लिखा- ‘अमेरिका में लोकतंत्र और कानून-व्यवस्था पर हमला, इजरायल के लिए चिंताजनक है। हमने अमेरिका पर अमेरिका के द्वारा हमला देखा है।

कतर का अलजजीरा: अभी तो यह सिर्फ शुरुआत है
अल-जजीरा ने लिखा- ‘यूएस कैपिटल में जो हुआ, वो सिर्फ शुरुआत है। आने वाले चार सालों में अमेरिकी ‘लोकतंत्र’ की परतें दुनिया के सामने खुलती रहें।’



Source link

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here