दौसा से किसान महापंचायत का आगाज: पायलट बोले- उद्योगपतियों के लिए 86% छोटे किसानों का भविष्य नष्ट करने पर तुली मोदी सरकार

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4 घंटे पहले

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दौसा के राजेश पायलट स्टेडियम में किसान महापंचायत को संबोधित करते पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट।

कृषि कानूनों के विरोध में किसान महापंचायत का आगाज शुक्रवार को पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट ने दौसा से किया। किसानों की भारी भीड़ के बीच पायलट ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने आनन-फानन में कृषि कानून बना दिया है। ऐसा कर सरकार उद्योगपतियों को फायदा पहुंचाने के लिए 86% छोटे किसानों के भविष्य को नष्ट करने पर तुली हुई है। उन्होंने कहा कि इस कानून में एमएसपी को शामिल नहीं किया गया है। कानून के विरोध में ढाई महीनों से किसान ठंड में दिल्ली की सड़क पर हैं, लेकिन सरकार पर कोई असर नहीं हो रहा।

दौसा के राजेश पायलट स्टेडियम में हुई इस महापंचायत में हजारों किसान ट्रैक्टरों में भरकर यहां पहुंचे। इनको संबोधन में पायलट ने कहा- गणतंत्र दिवस पर लाल किले पर निंदनीय घटना हुई है। हम तिरंगे के मान में कोई कमी नहीं रखेंगे, लेकिन सरकार को इसके लिए कानून लाना चाहिए। जबकि सरकार सैकड़ों किसानों को बंद कर उनके रास्ते में कीलें गाड़ रही है। इस तरह तो हिंदुस्तान-पाकिस्तान की सरहद पर भी नहीं देखा गया है।

महापंचायत में उमड़े किसान। जिस समय पायलट संबोधित कर रहे थे, किसान जमकर तालियां बजा रहे थे।

महापंचायत में उमड़े किसान। जिस समय पायलट संबोधित कर रहे थे, किसान जमकर तालियां बजा रहे थे।

पायलट ने दी चेतावनी

पायलट चेतावनी दी कि किसान से बुरा बर्ताव किया तो देश के लोग विरोध में खड़े होंगे। कानून के विरोध में सभी मिलकर सरकार पर दबाव बनाएंगे। दिल्ली आंदोलन के समर्थन में गांधीवादी तरीके से आंदोलन को किया जाएगा और सरकार को यह काले कानून वापस लेने ही होंगे। महापंचायत के आयोजक एवं दौसा विधायक मुरारी लाल मीणा ने कहा कि केंद्र सरकार पूरे सिस्टम को ठेके पर देकर युवाओं और किसानों को बेरोजगार करने पर तुली हुई है। उद्योगपतियों के लिए मोदी की ईस्ट इंडिया कंपनी किसानों को गुलाम बनाना चाहती है। उन्होंने कहा कि किसानों को राष्ट्रद्रोही कहने वाले भाजपा और आरएसएस के लोग ही राष्ट्र के दुश्मन हैं।

महापंचायत में पारित किए 4 प्रस्ताव

महा पंचायत के दौरान 4 प्रस्ताव पारित किए। इनमें कृषि कानून को वापस लेने, किसानों पर दर्ज किए मुकदमे हटाने, पीड़ित किसानों को मुआवजा देने, एमएसपी को कानूनी दर्जा देने की मांग की गई। साथ ही ईस्टर्न राजस्थान कैनाल प्रोजेक्ट के तहत धौलपुर के बजाय जमवारामगढ़ या दौसा में कमांड एरिया बनाने का प्रस्ताव पारित किया।

नेताओं ने दिखाए तीखे तेवर

बांदीकुई विधायक गजराज खटाना, चाकसू विधायक वेद प्रकाश सोलंकी, टोडा भीम विधायक पी आर मीना, विधायक सुरेश मोदी, विधायक राकेश पारीक, विधायक हरीश मीणा, जिला कांग्रेस पूर्व अध्यक्ष रामजीलाल ओड, पूर्व जिला प्रमुख गीता खटाना, कामेरी देवी, नगर परिषद सभापति ममता चौधरी, मान गंज व्यापार एसोसिएशन अध्यक्ष राकेश चौधरी, रामनाथ राजोरिया, प्रवक्ता उमा शंकर बनियाना, घनश्याम भांडारेज, विक्रम मीणा, महेंद्र गांगड़ा आदि ने केंद्र सरकार पर जमकर निशाना साधा।

महापंचायत के दौरान सैकड़ों ट्रैक्टर्स में भरकर आए किसान।

महापंचायत के दौरान सैकड़ों ट्रैक्टर्स में भरकर आए किसान।

जुगाड़ में हल और हुक्का लेकर आए किसान

किसान जुगाड़ का रथ बनाकर उसमें तिरंगा हल तथा हुक्का लेकर महापंचायत में पहुंचे।किसानों ने ट्रैक्टरों में भरकर गांव से महापंचायत के लिए प्रस्थान किया। गुप्तेश्वर रोड बाईपास व पायलट स्टेडियम के इर्द-गिर्द सैकड़ों ट्रैक्टरों की कतारें लगी रही। महापंचायत में बड़ी संख्या में महिलाएं भी पहुंची। इन महिलाओं में आशा सहयोगिनी और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता भी शामिल रहीं। पचवारा के लोक कलाकारों ने रंगारंग प्रस्तुतियों से युवाओं की जमकर दाद लूटी। लोगों ने कलाकारों के साथ जमकर ठुमके लगाए।

पार्टी के झंडे और बैनर नहीं थे

इस महापंचायत में हालांकि पार्टी का झंडा बैनर नहीं देखा गया। लेकिन तिरंगे झंडे के साथ हुई महापंचायत में किसानों ने हल का निशान भी लगाया गया। साथ ही कांग्रेस के पदाधिकारियों के अलावा किसी पार्टी के लोग नजर नहीं आए। जिले के कैबिनेट मंत्री परसादी लाल मीणा और महिला एवं बाल विकास मंत्री ममता भूपेश का महापंचायत में नहीं आना चर्चा का विषय रहा।



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