ज्ञान गंगा कार्यक्रम: स्मोकिंग एवं मांसाहार से पुरूषों में बढ़ती है नपुंसकता

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भरतपुरकुछ ही क्षण पहले

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महारानी श्री जया राजकीय महाविद्यालय के प्राणिशास्त्र विभाग में आयोजित छह दिवसीय ज्ञान गंगा कार्यक्रम के पांचवें दिन शुक्रवार काे एम्स की प्रोफेसर डा. रीमा दादा ने “जेनेटिक फैक्टर्स एण्ड आक्सिडेटिव स्ट्रेस इन मेल इनफर्टिलिटी विषय पर व्याख्यान दिया।

डॉ. रीमा ने साइटोप्लाज्मिक एनालिसिस द्वारा निष्कर्ष निकाला कि स्मोकिंग से मुक्त रैडिकल्स बढ़ते हैं और स्मोकिंग एवं मांसाहार से पुरुषों में नपुंसकता बढ़ती है जिसे योगाभ्यास द्वारा कम किया जा सकता है। डा. रेनू कोहली सह आचार्य पाली ने बताया कि संसार में बहुत सारी जंतु जातियां पाई जाती है जिससे जैवविविधता बनी रहती है।

जंतु जातियों के विलुप्त होने से जैव विविधता नष्ट होती जा रही है। साथ ही डा. कोहली ने पक्षियों के अभिगमन पर प्रकाश डाला। डा. रामप्रकाश रिटायर्ड प्रोफेसर बड़ोदरा ने स्टेम सैल्स पर प्रकाश डालते हुए बताया कि डिस्प्लेमिया नामक बीमारी आरबीसी में हीमोग्लोबिन की कमी से होती है जो छोटे बच्चों में बहुत पाई जाती है।

डा. मुकेश कुमार सह आचार्य प्राणिशास्त्र ने कोविड -19 महामारी से निजात पाने के लिए वैक्सीन विकास पर महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की। इस अवसर पर कार्यक्रम समन्वयक डा. सुनीता पांडे, उपसमन्वयक डा. संगीता चतुर्वेदी, आयोजन सचिव डा़ं मुकेश कुमार एवं डा. मंजूलता शर्मा, डा. प्रमिला गुप्ता, डा. राजेश सिंह, डा. सुंदर सिंह, विष्णु कुमार गुप्ता, सुनयना सिंह उपस्थित रहे।

रिपोर्ट: प्रमोद कल्याण



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