गुजरात में भाजपा को झटका: भरूच सीट से सांसद मनसुख वसावा ने पार्टी से इस्तीफा दिया, CM और PM को लिखे 5 पत्रों से विवादों में आए थे

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भरूच40 मिनट पहले

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पत्र में वसावा ने लिखा है कि मेरी गलतियों के चलते पार्टी को नुकसान न पहुंचे, इसके चलते मैं अपना इस्तीफा दे रहा हूं। -फाइल फोटो

गुजरात की भरूच लोकसभा सीट से भाजपा सांसद रहे मनसुखभाई धनजीभाई वसावा ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। इस संबंध में उन्होंने गुजरात भाजपा के अध्यक्ष सीआर पाटिल को मंगलवार को पत्र लिखा है। इसमें यह भी लिखा है कि वे जल्द ही संसद की सदस्यता से भी इस्तीफा दे देंगे। उन्होंने इस साल मई से लेकर दिसंबर तक PM और CM को पांच शिकायती पत्र लिखे थे। इसके बाद ही वे विवादों में आए।

वसावा ने पांचों पत्रों में क्षेत्रीय मुद्दे उठाए

  1. 3 दिसंबर 2020 को गुजरात के सीएम विजय रूपाणी को लिखे पत्र में उन्होंने कहा था कि राज्य की आदिवासी लड़कियों को लव जिहाद का शिकार बनाकर उनका शारीरिक शोषण कर उन्हें बेचा जा रहा है। उन्होंने यह भी दावा किया था उनकी ओर से उठाए गए इस मुद्दे पर उन्हें आदिवासी इलाकों के लोगों का भरपूर समर्थन मिल रहा है।
  2. 20 दिसंबर 2020 को पीएम नरेंद्र मोदी को भेजे पत्र में लिखा कि भारत के राजपत्र के माध्यम से नर्मदा जिला के 121 गांवों को ईको सेंसेटिव जोन में शामिल किया गया है। जोन घोषित होते ही सरकारी लोगों का किसानों की जमीनों पर दखल बढ़ गया है। इन गांवों के रहवासियों को जानकारी दिए बगैर और उन्हें विश्वास में लिए बगैर इको सेंसिटिव जोन में रख दिया गया। इसे लेकर लोगों में काफी गुस्सा है। केंद्र और राज्य सरकारों की ओर से आदिवासी समाज की बहुत उपेक्षा की जा रही है।
  3. 12 मई 2020 को उन्होंने सीएम विजय रूपाणी को पत्र लिखा था। इसमें लिखा था कि बीटीपी कांग्रेस के नेता विकास के कामों को भ्रष्टाचार के जरिए रोक रहे हैं, जिसकी जल्द से जल्द जांच करवाई जानी चाहिए। इस पत्र के बाद बीटीपी कांग्रेस ने जमकर बवाल मचाया गया था।
  4. 7 अक्टूबर 2020 को उन्होंने स्थानीय बेरोजगारी का मुद्दा उठाते हुए केंद्र सरकार को पत्र लिखा था। इसके जरिए उन्होंने उद्योगों में स्थानीय लोगों को रोजगार दिए जाने का मुद्दा उठाया था। इस पत्र के बाद उन्होंने बयान दिया था कि पीएम मोदी के आश्वासन के बाद भी स्थानीय लोगों को रोजगार नहीं मिला।
  5. 23 मई 2020 को वसावा ने मुख्यमंत्री विजय रूपाणी को लिखे पत्र में कहा था कि नर्मदा नदी में हो रहे अवैध खनन को लेकर जांच करवाई जाए। पत्र में उन्होंने लिखा था कि नर्मदा घाटी में खनिज विभाग के अधिकारियों, स्थानीय नेताओं और पुलिस की मिलीभगत से अवैध खनन लगातार जारी है। इसके चलते राज्य सरकार को करोड़ों रुपयों का चूना लग रहा है।

इस्तीफे को लेकर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष को पत्र लिखा

भाजपा सांसद रहे मनसुखभाई धनजीभाई वसावा ने पत्र में लिखा है कि भाजपा ने मुझे मेरी क्षमता से अधिक दिया। इसके लिए मैं पार्टी का आभारी रहूंगा।

भाजपा सांसद रहे मनसुखभाई धनजीभाई वसावा ने पत्र में लिखा है कि भाजपा ने मुझे मेरी क्षमता से अधिक दिया। इसके लिए मैं पार्टी का आभारी रहूंगा।

ये लिखा पत्र में…
पत्र में वसावा ने लिखा है कि मेरी गलतियों के चलते पार्टी को नुकसान न पहुंचे, इसके चलते मैं अपना इस्तीफा दे रहा हूं। पत्र में आगे उन्होंने लिखा है कि भाजपा ने मुझे मेरी क्षमता से ज्यादा दिया है। इसके लिए मैं पार्टी का हमेशा आभारी रहूंगा। वहीं, मैंने भी पार्टी के साथ वफादारी निभाई है। साथ ही पार्टी और जिंदगी के सिद्धांत का पालन करने में बहुत सावधानी रखी है, लेकिन आखिरकार मैं एक इंसान हूं और इंसान से गलती हो जाती है, इसलिए मैं पार्टी से इस्तीफा देता हूं। वसावा ने ये भी कहा कि लोकसभा में सत्र शुरू होने से पहले वे सांसद पद से भी इस्तीफा दे देंगे।



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