किसान आंदोलन का 74वां दिन: किसान नेता टिकैत बोले- दिल्ली में 40 लाख ट्रैक्टरों की रैली निकालेंगे, इन पर किसान क्रांति 2021 लिखेंगे

32


  • Hindi News
  • National
  • Farmer’s Protest Live Updates; Kisan Andolan Delhi; Kisan Kranti 2021; Farmer’s Leader Rajesh Tikait

Ads से है परेशान? बिना Ads खबरों के लिए इनस्टॉल करें दैनिक भास्कर ऐप

नई दिल्लीएक मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

फोटो सिंघु बॉर्डर की है। शनिवार को 3 घंटे तक चले चक्काजाम के दौरान किसानों ने हाईवे पर ट्रैक्टर खड़ाकर अपना विरोध जताया।

26 जनवरी को दिल्ली में ट्रैक्टर परेड और 6 फरवरी को देशभर में चक्काजाम के बाद अब किसानों ने किसान क्रांति और ट्रैक्टर क्रांति का ऐलान किया है। चक्काजाम के बाद शनिवार को गाजीपुर बॉर्डर पर पहुंचे भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत ने कहा कि हमारा अगला टारगेट दिल्ली में 40 लाख ट्रैक्टरों के साथ रैली निकालने का है।

टिकैत ने गाजीपुर में कहा कि हमने 26 जनवरी को दिल्ली में 20 हजार ट्रैक्टरों की रैली निकाली और अब हमारा टारगेट 40 लाख का है। किसान अपने ट्रैक्टरों पर किसान क्रांति 2021 लिखें। फिर आप जहां भी जाएंगे, आपका सम्मान किया जाएगा।

NGT के फैसले से खफा टिकैत बोले- NGT दफ्तर पर भी दौड़ेंगे ट्रैक्टर
टिकैत गाजीपुर पर दिल्ली-एनसीआर के उन किसानों से भी मिले, जो नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) के फैसले से नाराज हैं। NGT ने 10 साल पुराने डीजल वाहनों पर बैन लगाने को कहा है और इनमें ट्रैक्टर भी शामिल हैं। टिकैत ने कहा, ‘खेतों में चलने वाले ट्रैक्टर अब दिल्ली में NGT के दफ्तर पर भी दौड़ेंगे। अब तक तो ये लोग नहीं पूछते थे कि कौन सी गाड़ी 10 साल पुरानी है। अब इनका क्या प्लान है? 10 साल से पुराने ट्रैक्टरों को बाहर करो और कॉरपोरेट्स की मदद करो? लेकिन 10 साल से पुराने ट्रैक्टर भी दौड़ेंगे और आंदोलन मजबूत होगा।’

धरना स्थल से मिट्टी ले जाने की अपील की
टिकैत आज चरखी दादरी के कितलाना टोल प्लाजा और बाढड़ा अनाज मंडी में होने वाली महापंचायत में जाएंगे। उन्होंने किसानों से अपील की है कि वो धरना स्थल पर अपने खेतों से एक मुट्ठी मिट्टी लेकर आएं और प्रदर्शनवाली जगह से एक मुट्ठी मिट्टी लेकर वापस जाएं। टिकैत ने कहा कि ये मिट्टी लेकर अपने खेतों में डाल दें और व्यापारी कभी आपकी जमीनों की ओर नहीं देख पाएंगे। उन्होंने किसानों से अपील की है कि वो हर वक्त तैयार रहें। जब भी बुलाया जाए तो किसान धरना स्थलों पर पहुंचें, जैसा 26 जनवरी की परेड के बाद जिस तरह हरियाणा और यूपी के युवाओं ने किया था।

चक्काजाम के बाद किसान नेताओं में दिखी फूट
किसानों ने 6 फरवरी को 3 राज्यों दिल्ली, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड को छोड़ देशभर में चक्काजाम किया। दोपहर 12 बजे से 3 बजे तक किए गए जाम का सबसे ज्यादा असर राजस्थान, हरियाणा और पंजाब में दिखा। इस जाम के बाद 40 किसान संगठनों के संयुक्त किसान मोर्चा के नेता दर्शनपाल के एक बयान ने किसान संगठनों की फूट को उजागर कर दिया। दरअसल, राकेश टिकैत ने चक्काजाम से दिल्ली, यूपी और उत्तराखंड को अलग रखा था। दर्शनपाल ने इस फैसले पर कहा कि ऐसा बयान देने से पहले टिकैत को हमसे बात करनी चाहिए थी। उन्होंने जल्दबाजी में बयान दे दिया। ये खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें…



Source link

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here