अमेरिका में टीकाकरण का विरोध: कैलिफोर्निया में कोराेना से रोज 500 मौतें हो रहीं, यहां भी वैक्सीन के विरोध में प्रदर्शन

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कैलिफोर्निया15 मिनट पहलेलेखक: मैनी फर्नांडीज

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डोजर स्टेडियम पर प्रदर्शन करने गए लोगों का कहना है कि उन्होंने टीकारकारण स्थल में प्रवेश की कोशिश नहीं की। वे टीकाकरण के लिए गए लोगों को इसके बुरे प्रभावों के बारे में बताने गए थे।

महामारी के दौरान महीनों तक मास्क और लॉकडाउन के खिलाफ रैली करने वाले कुछ प्रदर्शनकारी अब कोविड -19 वैक्सीनेशन के विराेध में खड़े हो गए हैं। हाल ही में कुछ लोगों ने कोरोना वायरस वैक्सीन के विरोध में डोजर स्टेडियम में सामूहिक टीकाकरण स्थल के एंट्री गेट पर धावा बोल दिया।

कैलिफोर्निया वैक्सीन के विरोध का पुराना अप्रिय केंद्र रहा है, जबकि इधर काेरोना वायरस राज्य में अभी भी फैल रहा है। पिछले हफ्ते कैलिफोर्निया में हर रोज औसतन 500 लोगों की मौतें कोरोना से हुईं और जल्द ही यह न्यूयॉर्क को पीछे छोड़कर सबसे ज्यादा मौतों वाला राज्य बन जाएगा।

विरोध का नया तरीका

महीनों से ये कट्टर दक्षिणपंथी कार्यकर्ता मास्क पहनने के नियमों, बिजनेस लॉकडाउन, कर्फ्यू और स्वास्थ्य अधिकारियों के खिलाफ रैली कर रहे हैं। वे इसे व्यक्तिगत स्वतंत्रता में सरकार का हस्तक्षेप बताते रहे हैं, लेकिन अब जब मास्क और लॉकडाउन अमेरिकी जीवन का हिस्सा बन गए हैं, तो कुछ प्रदर्शनकारियों ने अपना विरोध और गुस्सा कोविड-19 के टीकों की ओर मोड़ दिया है।

पिछले सप्ताह इन प्रदर्शनकारियों के एक छोटे ग्रुप ने डोजर स्टेडियम के टीकाकारण स्थल पर हंगामा खड़ा कर दिया। स्टेडियम के प्रवेश को बाधित करने की कोशिश की गई। इस स्टेडियम में रोजाना औसत 6,120 लोगों को टीका लगाया जा रहा है। प्रदर्शनकारियों ने ‘डोंट बी लैब रैट’ और ‘कोविड-स्कैम’ की तख्तियां हाथों में थाम रखी थीं।

यह विरोध प्रदर्शन उस बढ़ते टकराव का संकेत है, जिसके तहत वैक्सीन विराेधी लंबे समय से यह कह रहे हैं कि अनिवार्य स्कूल वैक्सीन कानून सरकारी ज्यादती का प्रतीक है। कई लोगों को पहले से ही वैक्सीन साइंस पर संदेह है। कुछ का दावा है कि बचपन में लगे ये टीके ऑटिज़्म की वजह बनते हैं।

कानून बनने के बाद सुधरे

कैलिफोर्निया में हॉलीवुड हस्तियों और अमीरों के बीच दशकों से एंटी-वैक्सीन आंदोलन लोकप्रिय रहा है। 2015 में यहां बच्चों के लिए देश का सबसे सख्त अनिवार्य टीकाकरण कानून पारित किया गया था। इसके पहले पेरेंट्स बच्चों को टीका लगवाने से बचते थे। उनका तर्क होता था कि यह हमारी व्यक्तिगत मान्यताओं के खिलाफ है, लेकिन कानून के बाद टीकाकरण से बचने का विकल्प खत्म हो गया।

कैलिफोर्निया में कोविड-19 के इस दौर में वैक्सीन विरोधियों ने खुद को ट्रम्प समर्थकाें के ज्यादा नजदीक पाया है। राज्य में एंटी-वैक्सीन एक्टिविस्ट लंबे समय से आक्रामक रहे हैं, लेकिन पिछले दो वर्षों में और खास तौर पर कोरोनो वायरस महामारी के महीनों में उन्होंने टकराव और धमकी देने वाली रणनीति ज्यादा अपनाई है।

विधायक से मारपीट

विरोध में इन्होंने सैक्रामेंटो में एक विधायक के साथ मारपीट की और 2019 में स्टेट कैपिटल के सीनेट चैंबर्स में विधायकों पर खून तक फेंक दिया। पिछले महीने महिलाओं के एक समूह ने बजट की सुनवाई के दौरान सांसदों को धमकी दी थी कि हमने कुछ नहीं करने के लिए बंदूकें नहीं खरीदी हैं। इस मामले में स्टेट सीनेटर और बाल रोग विशेषज्ञ रिचर्ड पेन कहते हैं- चिंता की बात यह है कि विरोध करने वालों की संख्या बढ़ रही है। पेन ने ही टीकाकरण कानून तैयार किया था। वे कहते हैं कि यह आंदोलन न सिर्फ टीकाकारण के बारे में गलत जानकारियां प्रचारित कर रहा है, बल्कि ये उन लोगों को भी धमका रहे हैं जो इसके बारे में सही जानकारियां सामने ला रहे हैं।

बेसबाॅल खिलाड़ी की मौत से घबराए

डोजर स्टेडियम पर प्रदर्शन करने गए लोगों का कहना है कि उन्होंने टीकारकारण स्थल में प्रवेश की कोशिश नहीं की। वे टीकाकरण के लिए गए लोगों को इसके बुरे प्रभावों के बारे में बताने गए थे। विरोध प्रदर्शन के प्रमुख जेसन लेफकोविट्ज ने कहा कि विरोध का कारण मशहूर बेसबॉल खिलाड़ी हंक आरोन की मौत है। 86 वर्ष की उम्र में उनकी 22 जनवरी को मौत हुई। उन्हें 5 जनवरी को कोरोना का टीका लगा था।



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